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Ruskin Bond | Biography in Hindi

 रस्किन बॉंड

Ruskin Bond Biography in Hindi
Ruskin Bond

रस्किन बॉंड (Ruskin Bond) ब्रिटिश मूल के, समकालीन दौर के, एक महत्त्वपूर्ण भारतीय लेखक हैं. इनका जन्म 19 मई, 1934 को, कसौली, पंजाब स्टेट्स एजेन्सी, ब्रिटिश भारत में हुआ था. इनके पिता का नाम Aubrey Alexander Bond तथा माँ का नाम Edith Clarke था. इनके पिता ने, वर्ष 1939 में, रॉयल एयर फ़ोर्स में अधिकारी के पद पर नियुक्त होने से पहले, जामनगर की राजकुमारी को अंग्रेज़ी पढ़ाने का काम किया था, और, रस्किन बॉंड छह वर्ष की उम्र तक, अपनी बहन Ellen तथा पिता के साथ वहीं रहे. रस्किन बॉंड ने अपने पिता की, एयर फ़ोर्स में नौकरी के दौरान, विभिन्न जगहों पर नियुक्ति होते रहने की वजह से, बाल्यकाल में ही काफ़ी स्थानों का भ्रमण किया था. इनकी ज़्यादातर रचनाओं में हिमालय की तलहटी में बसे पहाड़ी इलाक़ों के जीवन का प्रभाव है, जहाँ इनका बचपन बीता. इन्होंने उपनिवेशवाद (colonialism), उत्तर-उपनिवेशवाद (post-colonialism), तथा आज़ादी के बाद (post-independence); तीनो ही चरणों में, भारत को विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक, तथा राजनीतिक दौर से गुज़रते हुये देखा है, और, इनका लेखन, इन सारे अनुभवों के साथ, इनके आंग्ल-भारतीय पहचान के अनुभवों को भी परिलक्षित करता है.

रस्किन बॉंड लगभग पाँच दशकों से लेखन के क्षेत्र में कार्यरत हैं, और, इस अवधि में, इन्होंने लेखन की विभिन्न शैलियों को आज़माया. लेखन के प्रारम्भिक वर्षों में इन्होंने गल्प, लघुकथा, तथा लघु उपन्यास (जिनमें से कुछ आत्मकथात्मक थे) के क्षेत्र में काम किया. बाद के वर्षों में इन्होंने कथेतर साहित्य (non-fiction), रोमांस, तथा बाल पुस्तकों के क्षेत्र में भी लेखन का काम किया. रस्किन बॉंड कहते हैं कि लेखन के क्षेत्र में निबन्ध तथा लघु कथाएँ उनकी पसंदीदा शैलियाँ हैं. रस्किन बॉंड यह मानते हैं कि वे एक “विजुअल राइटर” हैं, क्योंकि, अपनी लघु कथाओं को काग़ज़ पर उतारने से पहले वे उनकी कल्पना एक फ़िल्मी दृश्य के तौर पर करते हैं. वहीं, निबंध लेखन तथा यात्रा वृत्तान्त के लिये उन्हें ऐसी योजना की ज़रूरत नहीं होती, क्योंकि, यहाँ जो अकस्मिकता का तत्त्व होता है, वह अपने आप में उत्साहवर्धक होता है. 

रस्किन बॉंड की पसंदीदा पुस्तकों में Richmal Crompton की Just William, Charles Hamilton की Billy Bunter, तथा Lewis Carroll की Alice in Wonderland शामिल हैं. Charles Dickens एवं Mark Twain इनके पसंदीदा लेखकों में से हैं. 

रस्किन बॉंड जब आठ वर्ष के थे तब इनके माता-पिता अलग हो गये. इनकी माँ ने हरि नाम के एक पंजाबी हिन्दू व्यक्ति से शादी कर ली. इसके बाद रस्किन बॉंड के पिता ने इन्हें अपने पास दिल्ली बुला लिया, जहाँ वे रॉयल एयर फ़ोर्स में अधिकारी के रूप में तैनात थे. रस्किन अपने पिता के साथ बिताये उन दिनों को अपने जीवन के सबसे ख़ुशहाल दिनों में गिनते हैं. रस्किन जब महज़ दस साल के थे तब उनके पिता की मृत्यु, उनकी कलकत्ता में तैनाती के दौरान, मलेरिया से हो गयी थी. ये उस समय शिमला के एक बोर्डिंग स्कूल में अध्ययनरत थे, जब इन्हें इस त्रासदी की सूचना उनके शिक्षक ने दी. रस्किन इस घटना से बुरी तरह आहत हुये थे. इसके बाद इनकी परवरिश, देहरादून में, इनकी माँ तथा सौतेले पिता के यहाँ हुयी. इनकी बहन Ellen लुधियाना में रहती थीं, जिनकी मृत्यु 2014 में हुयी है. इनके भाई William कनाडा में रहते हैं.

रस्किन बॉंड ने अपनी शिक्षा Bishop Cotton School, Shimla से साल 1950 में पूरी की. इन्होंने इस स्कूल में पढ़ते हुये कई ईनाम जीते, जिनमें, Irvin Divinity Prize तथा Hailey Literature Prize सम्मिलित हैं. इसके बाद, साल 1951 में, अपनी स्कूली शिक्षा समाप्त होने पर, सोलह वर्ष की उम्र में, इन्होंने अपनी पहली लघुकथा “Untouchable” लिखी.

स्कूली शिक्षा समाप्त होने पर रस्किन बॉंड बेहतर सम्भावनाओं की तलाश में, अपनी मौसी के घर, Channel Islands (UK) गये. यूनाइटेड किंगडम में ये दो वर्ष तक रहे. लंदन में जीविकोपार्जन के लिये इन्होंने कई काम किये और इसी दौरान इन्होंने अपना पहला उपन्यास The Room on the Roof लिखना शुरू किया. रस्किन बॉंड क यह अर्ध-आत्मकथात्मक उपन्यास रस्टी नाम के एक अनाथ ऐंग्लो-इंडीयन के बारे में है. यह रस्किन के बचपन के साथियों, तथा, उन दिनों के अनुभवों पर आधारित है, जब वे देहरादून में एक छोटी सी किराये की बरसाती में रहा करते थे. जब रस्किन ने इस उपन्यास को लिखा तब वे 17 वर्ष के थे, और, इसके प्रकाशन के समय इनकी आयु 21 वर्ष थी. इस उपन्यास के लिये इन्हें 1957 का John Llewellyn Rhys Prize मिला जो कि तीस वर्ष से कम उम्र के कॉमन्वेल्थ लेखकों के दिया जाता है. अपने उपन्यास के लिये प्रकाशक ढूँढने के क्रम में इन्होंने लंदन में एक फ़ोटो स्टूडीयो में काम किया. पुस्तक के प्रकाशन के बाद मिली अग्रिम धनराशि का उपयोग इन्होंने बॉम्बे तक आने के लिये समुद्री मार्ग के खर्चे तथा देहरादून में आकर बसने के लिये किया.

अपने लेखन के पेशे के शुरुआती कुछ दिनों में रस्किन बॉंड ने दिल्ली तथा देहरादून से स्वतन्त्र लेखन किया. ये समाचारपत्रों तथा पत्रिकाओं के लिये लघु कथाएँ तथा कविताएँ लिख कर जीविकोपार्जन करते थे. अपने जवानी के दिनों में बारे में रस्किन बताते हैं, कि, कभी-कभी जब वे भाग्यशाली होते थे तो उनकी कोई रचना छप जाती थी, जिसके लिये उन्हें कुछ रुपये मिल जाया करते थे; और, चुकि उनके ऊपर कोई पारिवारिक ज़िम्मेदारी नहीं थी, जीविकोपार्जन के लिये वे वही करते थे जो उन्हें करना सबसे ज़्यादा पसंद था. 

साल 1963 में रस्किन बॉंड रहने के लिये मसूरी चले गये; क्योंकि, एक तो यह जगह उन्हें पसंद थी, दूसरी, यहाँ से वे दिल्ली में स्थित सम्पादकों तथा प्रकाशकों से आसानी से सम्पर्क बना सकते थे. इन्होंने चार साल तक एक पत्रिका में सम्पादक के रूप में काम किया. साल 1980 में जब पेंगुइन प्रकाशन भारत आया तब इसने रस्किन बॉंड से कुछ किताबें लिखने के लिये सम्पर्क किया. रस्किन बॉंड ने साल 1956 में The Room on the Roof की उत्तर-कृति (sequel) के रूप में Vagrants in the Valley लिखी, और, साल 1993 में, पेंगुइन प्रकाशन ने इन दोनों ही खण्डों को एक उपन्यास के रूप में प्रकाशित किया. इसके अगले वर्ष, 1994 में पेंगुइन ने The Best of Ruskin Bond नाम से इनके द्वारा लिखे गये कथेतर साहित्य (non-fiction writings) का एक संग्रह प्रकाशित किया.  

अलौकिक घटनाओं से सम्बन्धित गल्प-साहित्य में रस्किन बॉंड की रुचि होने की वजह से इन्होंने A Season of Ghosts, A Face in the Dark and other Hauntings, Ghost Stories from the Raj जैसी रचनायें लिखीं. रस्किन बॉंड ने, अभी तक, कुल मिलाकर, लगभग पाँच सौ लघु कथाएँ, निबन्ध तथा उपन्यास लिखे हैं; जिनमें से कुछ प्रमुख हैं: The Blue Umbrella, Funny Side Up, तथा A Flight of Pigeons. इन सबके अलावा, इन्होंने, पचास पुस्तकें बच्चों के लिये लिखी हैं. 1970 में इन्होंने अपना पहला बाल उपन्यास, Angry River लिखा था, जिसे Trevor Stubley ने चित्रित (illustrate) किया था. यह उपन्यास भारत तथा इंगलैंड में प्रकाशित हुआ था, तथा Dutch, French तथा Hindi भाषाओं में भी इसका अनुवाद हुआ. 

रस्किन बॉंड की आत्मकथाएँ; Scenes from a Writer’s Life, Rain in the Mountains, तथा,  Lone Fox Dancing भी प्रकाशित हुयी  हैं. Scenes from a Writer’s Life लेखक के जीवन के प्रारम्भिक 21 वर्षों का विवरण है. इसमें रस्किन बॉंड की इंगलैंड यात्रा, इनके पहले उपन्यास Room on the Roof के लिये प्रकाशक ढूँढने के संघर्ष, तथा वापस देहरादून लौटने की लालसा का वर्णन है. इस आत्मकथा में इनके माता-पिता के बारे में भी बताया गया है. यह पुस्तक इनके उपन्यास के लिये पहले प्रकाशक के मिल जाने की घटना, तथा, लेखक के लेखन को ही जीविका का साधन बनाने के निश्चय पर ख़त्म हो जाती है. संक्षेप में, यह आत्मकथा, रस्किन बॉंड के लेखक बन जाने की कहानी है. इस आत्मकथा में रस्किन बॉंड अपनी भारतीय पहचान की व्याख्या करते हुये कहते हैं, कि, इनकी नस्ल या धर्म ने इन्हें भारतीय नहीं बनाया, बल्कि, इतिहास ने बनाया है; और एक लम्बे अरसे के बीतने के बाद, इन सब पहचानों से परे, इतिहास ही वह चीज़ है जो मायने रखती है. Rain in the Mountains में इनके मसूरी में बिताये हुये दिनों की कहानी है. The Lamp is Lit; Leaves from a Journal में इनकी पत्रिकाओं की प्रविष्टियों तथा निबन्धों का संकलन है.

रस्किन बॉंड की कई रचनाओं का फ़िल्मी रूपान्तरण भी हुआ है. साल 1978 की बॉलीवुड फ़िल्म ज़ुनून, रस्किन बॉंड के ऐतिहासिक उपन्यास, A Flight of Pigeons, के ऊपर आधारित है. यह उपन्यास भारत की प्रसिद्ध ऐतिहासिक घटना, 1857 के विद्रोह, को केन्द्र में रखकर लिखा गया है. इस फ़िल्म के निर्माता शशि कपूर तथा निर्देशक श्याम बेनेगल साहब थे. 

दूरदर्शन पर प्रसारित टेलिविज़न सिरीज़, एक था रस्टी, रस्किन बॉंड द्वारा “रस्टी” नाम के एक काल्पनिक चरित्र को केन्द्र में रखकर लिखीं कहानियों के ऊपर आधारित है. रस्टी, सोलह साल का, देहरादून में रहने वाला एक आंग्ल-भारतीय लड़का है, जिसका अपना कोई परिवार नहीं है. वह Mr. John Harrison के कठोर अनुशासन में पल रह होता है, जहाँ वह उनके किसी भी आदेश को नकारने तक की हिमाक़त नहीं कर सकता. वह यहाँ हमेशा डर के साये में जीता है. उसे मजबूरी में Mr. Harrison के सभी आदेश मानने होते हैं, क्योंकि, इनकार की स्थिति में उसे बेंत की मार मिल सकती है. रस्टी का कोई भी अपना सच्चा दोस्त नहीं है, इसलिये, अपने अभिभावक के घर में वो ख़ुद को नितान्त अकेला पाता है. वह देहरादून के युरपीयन हिस्से में रहता है, लेकिन, वह भारतीय संस्कृति तथा जीवनशैली को भी अपनाना चाहता है, इसलिये, वह स्थानीय बाज़ार में कुछ भारतीय लड़कों से दोस्ती कर लेता है. वह अपने दोस्तों से मिलते रहने की बात अपने अभिभावक से छिपा कर रखता है. जल्दी ही वह अपने अभिभावक के क़ैद से मुक्त होकर वापस इंग्लैंड जाने का निश्चय करता है. (यहाँ, रस्टी का चरित्र एक किशोर की मनोस्थिति को दर्शाता है, जो अपनी उलझी हुयी ज़िन्दगी में, किसी सच्चे रिश्ते, ख़ुशी, तथा प्यार की तलाश में है. रस्टी नाम के चरित्र की खोज रस्किन बॉंड ने अपने बीते दिनों की कहानियाँ कहने के लिये की थी). ये कहानियाँ आत्मकथात्मक हैं, क्योंकि, ये लेखक के स्वयं के जीवन की घटनाओं तथा अनुभवों पर आधारित हैं. इस सिरीज़ का पहला सीज़न, दूरदर्शन पर, साल 1995 में, दूसरा 2012-13 में, तथा, तीसरा 2014-15 में प्रसारित हुआ था. इस सिरीज़ की निर्माता तथा निर्देशक शुभदर्शिनी सिंह हैं. रस्किन बॉंड ने भी, इस सिरीज़ के दूसरे तथा तीसरे सीज़न में, हर एपिसोड के शुरुआत तथा अंत में, अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है.

वर्ष 2005 में बॉलीवुड के निर्देशक विशाल भारद्वाज ने रस्किन बॉंड द्वारा लिखे प्रसिद्ध बाल उपन्यास The Blue Umbrella के ऊपर एक फ़िल्म बनायी थी, जिसे National Award for Best Children’s film मिला था. इसके बाद, साल 2011 में, विशाल भारद्वाज ने रस्किन बॉंड द्वारा लिखी लघु कथा Susanna’s Seven Husbands के ऊपर 7 Khoon Maaf नाम से एक फ़िल्म बनायी. रस्किन बॉंड इस फ़िल्म में हिरोईन प्रियंका चोपड़ा के साथ बिशप के रूप में एक छोटी-सी भूमिका में पर्दे पर नज़र आये हैं. बड़े पर्दे पर यह उनकी पहली उपस्थिति थी.

भारतीय बाल साहित्य परिषद (Indian Council for Child Education) ने, बाल साहित्य के विकास के क्षेत्र में, रस्किन बॉंड के कार्यों को मान्यता दी है. इनके द्वारा लिखी The Night Train at Deoli, Time Stops at Shamli, तथा Our Trees Still Grow in Dehra जैसी कहानियाँ बच्चों के स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल हैं. बच्चों के लिये लेखन को लेकर ये कहते हैं, कि, चुकि, इनका बाल्यकाल काफ़ी अकेलेपन में बीता, इसलिये, वे एक बच्चे की भावना को समझ सकने में स्वयं को ज़्यादा सक्षम महसूस करते हैं. अंग्रेज़ी में लिखे इनके उपन्यास Our Trees Still Grow in the Dehra के लिये इन्हें  वर्ष 1992 के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया. साल 1999 में रस्किन बॉंड को पद्म श्री; तथा, साल 2014 में इन्हें पद्म भूषण देकर सम्मानित किया गया. 

साल 1963 से ही रस्किन बॉंड एक स्वतन्त्र लेखक के रूप में मसूरी में रह रहे हैं. वर्तमान समय में, ये अपने दत्तक (adopted) परिवार के साथ लण्ढोर, मसूरी, में Ivy Cottage में रहते हैं, जो 1980 से इनका निवास स्थल है. रस्किन बॉंड से यह पूछने पर कि उन्हें अपनी ज़िंदगी का कौन सा पहलू सबसे ज़्यादा पसंद है; वे बताते हैं कि, उन्हें इस बात की राहत है, कि उन्होंने 17-18 वर्ष की आयु से लिखना शुरू किया, और आजतक वे लिख रहे हैं. इनका मानना है, कि, अगर आज ये प्रकाशित होने वाले पेशेवर लेखक नहीं भी होते, तो भी ये लेखन का ही काम करते. 





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